
श्री मुकुन्द संस्कृत पाठशाला
श्री मुकुन्द संस्कृत पाठशाला की स्थापना वर्ष 1942 में हुई थी, विगत 5 दशकों से भी अधिक समय से संस्कृत शिक्षा के प्रचार प्रसार का कार्य रहा है। विद्यालय का मूल उद्देश्य संस्कृत शिक्षा से जुड़ने के इच्छुक छात्रों को ऐसा परिवेश प्रदान करना जिसमे छात्र सहजता से संस्कृत विषय में श्रेष्ठता प्राप्त करते हुए, समाज हित में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें एवं संस्कृत भाषा को वृहद स्तर पर जनसमान्य तक पहुंचाए।
विद्यालय में संस्कृत व्याकरण, ज्योतिष, साहित्य, कर्मकांड आदि विषयो में योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों द्वारा शिक्षण कार्य किया है। संस्कृत भाषा केवल कर्मकांड तक ही सीमित न रहे इसके लिए विद्यालय में छात्रों को इस प्रकार अध्ययन कराया जाता है कि वे प्रतियोगी परीक्षाओ में आधुनिक विषयो के साथ साथ संस्कृत विषय को भी एक विकल्प के रूप में रखें। विद्यालय में संस्कृत विषयो के साथ -साथ आधुनिक विषयो जैसे -गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, वाणिज्य आदि में भी पठन -पाठन होता है।
संस्था में प्रतिवर्ष मनाये जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे - 26 जनवरी, श्रावणी उपाकर्म, 15 अगस्त, 2 अक्टूबर छात्रों में राष्ट्रीय एवं नैतिक मूल्यों का विकास करने एवं छात्रों के सर्वागीण विकास में काफी महत्वपूर्ण सिद्ध हुए है। विद्यालय में प्रतिदिन आयोजित होने वालो प्रार्थना सभा प्रत्येक छात्र के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध हुई है।
विद्यालय में प्रत्येक छात्र कि शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाता है। छात्रों कि शिक्षण प्रगति को उनके अभिभावकों तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक माह में अभिभावक- अध्यापक संगोष्ठी का आयोजन एवं अध्यापको द्वारा छात्रों के घर जाकर अभिभावकों से संपर्क स्थापित किया जाता है। विद्यालय के समस्त शिक्षक, छात्रों के उज्जवल भविष्य एवं उनकी प्रगति के लिए सदैव तत्पर एवं समर्पित हैं।